भगवान विष्णु, ब्रह्मा एवं महारुद्र की सम्मिलित शक्ति माता वैष्णो देवी के रूप में त्रिकूट पर्वत की गुफा में विराजमान हुईं। कलियुग के अंतिम चरण में उन्होंने सद्गुरु महात्मा सुशील कुमार एवं माँ विजया को साधनावस्था में दर्शन देकर यह इच्छा प्रकट की कि वे जनसाधारण के लिए सुलभ स्थान पर पधारना चाहती हैं।